मराठा आरक्षण की मांग को लेकर जारांगे की भूख हड़ताल जारी है. उन्होंने सरकार को चार दिनों का अल्टीमेटम दिया है. NCP पर लगे आरोपों पर बालासाहेब थोराट ने जवाब दिया है.  


जालना में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर अनशन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने जब लाठीचार्ज किया तो इसके बाद मराठा प्रदर्शनकारी पूरे राज्य में आक्रामक हो गए. इसके बाद एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार समेत कई राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं आईं. इस पृष्ठभूमि में यह आरोप लगाया जा रहा है कि मराठा आंदोलन को एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता द्वारा हवा दी जा रही है. इस बारे में कांग्रेस नेता विधायक बालासाहेब थोराट से पूछा गया तो उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की. वह बुधवार (6 सितंबर) को अहमदनगर में मीडिया से बात कर रहे थे.

'मराठा आरक्षण का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण'
बालासाहेब थोराट ने कहा, ''मराठा आरक्षण का मुद्दा बहुत महत्वपूर्ण है. दरअसल, इस समस्या के समाधान के लिए इस सरकार ने पिछले एक साल में क्या प्रयास किये हैं, यह एक अहम मुद्दा है. चूंकि मराठा समाज उदारवादी है, इसलिए पिछले डेढ़ साल से इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया. एक मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों का इतना बड़ा बेड़ा, लेकिन उन्होंने मराठा समुदाय पर ध्यान नहीं दिया. मराठा समुदाय के प्रति सरकार की उपेक्षा बुरी है. हम मराठा आरक्षण का समर्थन करते हैं.”

मराठा आंदोलन को NCP के वरिष्ठ नेता दे रहे हवा?
क्या मराठा आंदोलन को NCP के वरिष्ठ नेता हवा दे रहे हैं? इस सवाल पर बालासाहेब थोराट ने अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा, ''दरअसल, ऐसा नहीं है. हम सभी की एक ही मांग है और वह है ओबीसी के आरक्षण को आगे न बढ़ाया जाए. उन्हें अपना आरक्षण बरकरार रखना चाहिए. उनका अधिकार बरकरार रखा जाए और इसके अलावा आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से अधिक कर मराठा समुदाय को आरक्षण दिया जाए. हमारे नेता पहले से ही इस बारे में बात करते रहे हैं."

थोराट ने कहा?
बालासाहेब थोराट ने मराठा आंदोलन को हवा देने के आरोप को खारिज कर दिया. थोराट ने कहा, ''इसीलिए अगर कुछ नेता अब मराठा आरक्षण के बारे में बात कर रहे हैं, तो यह कहना सही नहीं है कि इसे हवा दी गई है. वे दूसरा रास्ता ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं. बालासाहेब थोराट ने कहा कि बीजेपी इस मांग की दिशा बदलने की कोशिश कर रही है और यह चर्चा सार्थक है.''

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