पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने व्यापम मामलों के लिये गठित विशेष अदालत में प्रस्तुत किया परिवाद।
सत्ताईस हजार पन्नों की चार्जशीट अदालत में प्रस्तुत की।

भोपाल ब्यूरो 

राज्यसभा सांसद और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह ने व्यापम काण्ड की एक्सेल शीट में फेरबदल करने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और इसमें शामिल पुलिस अधिकारियों के खिलाफ 27000 हजार पन्नों की चार्जशीट  न्यायालय में प्रस्तुत की है। 

पूर्व मुख्यमंत्री श्री सिंह द्वारा विधायकों-सांसदों के व्यापम मामलों के लिये भोपाल में गठित विशेष न्यायालय के न्यायाधीश श्री सुरेश सिंह के समक्ष एक परिवाद प्रस्तुत किया गया जिसमें उन्होने 27000 पन्नों की चार्जशीट प्रस्तुत की है। श्री सिंह ने परिवाद प्रस्तुत करते हुये आरोप लगाया है कि नितिन महेन्द्रा के कम्प्यूटर से प्राप्त मूल हार्ड डिस्क में इन्दौर के पुलिस अधिकरियों- तत्कालीन आई.जी. विपिन माहेश्वरी, क्राइम ब्रान्च इन्दौर के अति.पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी एवं अन्य ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं अन्य बड़े भाजपा नेताओं को बचाने के लिये हार्ड डिस्क से प्राप्त एक्सेल शीट में रद्दोबदल किया और उसमें उल्लेखित मुख्यमंत्री का नाम एवं अन्य नामों को हटाया।

परिवाद में यह भी कहा गया है कि ट्रूथ लेब की रिपोर्ट सी.बी.आई. गलत साबित नही कर सकी है। ट्रूथ लेब की रिपोर्ट में यह बताया गया है कि एक्सेल शीट में छेड़छा़ड़ की गई है और हार्ड डिस्क से 18 जुलाई 2013 को जो फाइल रिकवर हुई थी उस फाइल की एक्सेल शीट में सी.एम. लिखा हुआ था जो बाद में हटाया गया है।

श्री दिग्विजय सिंह ने परिवाद में कहा है कि एस.टी.एफ. और सी.बी.आई. द्वारा उपलब्ध प्रमाणों की अनदेखी करते हुये मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती एवं कई अन्य भाजपा नेताओं को आरोपी नही बनाया गया है, जिसकी न्यायिक जाॅंच हेतु यह परिवाद प्रस्तुत किया गया है।

उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुये न्यायालय ने आगामी 22 सितंबर 2018 की तिथि नियत की है एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री दिग्विजय सिंह को न्यायालय में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज करवाने के लिये कहा है। श्री सिंह उक्त प्रकरण में आगामी 22 सितंबर को अपने बयान दर्ज करवाने के लिये भोपाल में व्यापम मामलों के लिये गठित विशेष न्यायालय में उपस्थित रहेंगे।


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