महाराष्ट्र में I.N.D.I.A सम्‍मेलन के बाद कांग्रेस ने अब केंद्र सरकार सरकार और महाराष्ट्र सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है. कांग्रेस ने 'जन संवाद यात्रा' शुरू की है.



मुंबई में विपक्षी दलों के इंडिया सम्मेलन के तीन दिन बाद कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई ने रविवार को एक सप्ताह की विशाल 'जन संवाद यात्रा' शुरू की, जिसका उद्देश्य केंद्र और राज्य में बीजेपी सरकार की विफलताओं को उजागर करना है. 'जन संवाद यात्रा' मुंबई-कोंकण, विदर्भ, पश्चिमी और उत्तरी महाराष्ट्र में एक साथ शुरू हुई, लेकिन मराठवाड़ा में अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई, क्‍योंकि पिछले तीन दिनों से कोटा समर्थक मराठा आंदोलन कर रहे हैं.

कांग्रेस नेता ने दी जानकारी
पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि 'जालना में आंदोलनकारियों पर पुलिस लाठीचार्ज के मद्देनजर, मराठवाड़ा में 'जन संवाद यात्रा' को निलंबित किया जा रहा है, और नए कार्यक्रम की घोषणा जल्द ही की जाएगी. 'जन संवाद यात्रा' की शुरुआत विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भाग लेने के साथ हुई - विदर्भ में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले और विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेत्तीवार, उत्तरी महाराष्ट्र में सीएलपी नेता बालासाहेब थोराट के नेतृत्व में, पश्चिमी महाराष्ट्र में पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण और विभिन्न जिलों में अन्य वरिष्ठ नेताओं ने नेतृत्व की कमान संभाली.

क्या बोले नाना पटोले?
सभी नेता 12 सितंबर को बस-यात्रा में महत्वपूर्ण मुंबई-कोंकण तटीय क्षेत्र के दो दिवसीय दौरे के लिए जुटेंगे. वर्धा में 'जन संवाद यात्रा' की शुरुआत करते हुए पटोले ने इसे "बीजेपी सरकार के अत्याचारों और किसानों, युवाओं, श्रमिकों और गरीबों से किए गए खोखले वादों और महंगाई पर अंकुश लगाने या बेरोजगारी से निपटने में उसकी अयोग्यता और भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए संघर्ष" बताया.

'जन संवाद यात्रा' को लॉन्च करने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में नागपुर में वडेत्तीवार और कोल्हापुर में कांग्रेस के नेता सतेज पाटिल शामिल थे, जिसमें स्थानीय नेताओं, जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं और लोगों की भागीदारी थी. पड़ावों के दौरान नेताओं ने मराठा मुद्दे, केंद्र और राज्यों में 10 साल के बीजेपी शासन की खामियों और विफलताओं पर बात की और वहां एकत्र हुए स्थानीय लोगों की समस्याओं और चुनौतियों पर चर्चा की.

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