एक शिक्षक को कमलनाथ ने फिर किया माफ

मुझे अभी -अभी जानकारी मिली है कि रतलाम के आलोट विकासखंड के ग्राम तालोद में एक शासकीय प्राथमिक स्कूल के शिक्षक बालेश्वर पाटीदार को राहुल गांधी जी पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी के चलते निलंबित कर दिया गया है।
निश्चित तौर पर उन पर इस तरह की कार्यवाही नियम अंतर्गत ही हुई होगी। क्योंकि शासकीय सेवा में रहते यह आचरण सिविल सेवा नियमो के विपरीत है।
इसके पूर्व मेरे ख़िलाफ़ भी जबलपुर के एक शिक्षक ने डाकू शब्द का इस्तेमाल किया था।उन पर भी इसी तरह की कार्यवाही की गयी थी।
लेकिन तभी मेने यह सोचा कि जिन शिक्षक पर यह निलम्बन कार्यवाही हुई , उन्हें इस पद तक आने के लिये वर्षों मेहनत , तपस्या की होगी।पूरा परिवार उन पर आश्रित हो सकता है।सिर्फ़ एक मुख्यमंत्री पर उनकी की गयी उक्त टिप्पणी पर उन पर निलंबन की कार्यवाही हो। जिसको उनके पूरे परिवार को भुगतना पड़े।यह मुझे नागवार गुज़रा और मेने उन्हें माफ़ करने का निर्णय लेकर उन्हें तत्काल बहाल करने का निर्णय लिया।

शिक्षक समाज को आइना दिखाने का कार्य करते है।एक नई पीढ़ी का निर्माण करते है।समाज उनको बढ़े आदर की दृष्टि से देखता है। एक शिक्षक पर कार्यवाही मुझे व्यक्तिगत रूप से ठीक नहीं लगी।इसलिये मेने उन्हें माफ़ करने का निर्णय लिया।
लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का में शुरू से पक्षधर हूँ।लेकिन यह भी सच है कि इसका पालन एक मर्यादा में होना चाहिये।

आलोट के उक्त शिक्षक पर हुई कार्यवाही पर मेने इन्हीं सभी बातों को दोबारा सोचा। मेने सोचा कि मुझ पर टिप्पणी पर तो एक शिक्षक को मेने माफ़ कर दिया लेकिन राहुल जी पर टिप्पणी पर में एक शिक्षक को किस अधिकार से माफ़ करूँ।
लेकिन मेने सोचा कि मुझ पर टिप्पणी पर एक शिक्षक को हम माफ़ी दे सकते है तो राहुल जी पर टिप्पणी पर एक शिक्षक को सज़ा मिले , यह मुझे ठीक नहीं लग रहा क्योंकि यह कार्यवाही राहुल जी के सोच के विपरीत है।

वह राहुल जी जो आज तक उन पर अशोभनीय टिप्पणी,बयानबाज़ी व आलोचना करने वाले तमाम विरोधियों तक को माफ़ करते आये है।
वह कहते आये है कि आप जितनी मेरी निंदा करो , जितने मुझे अपशब्द कहो, मैं उतना मज़बूत होता हूँ।इससे मेरा आत्मविश्वास दृढ़ होता है।
ऐसी उनकी सोच है।
इसलिये उन पर की गयी टिप्पणी पर एक शिक्षक पर मेरी सरकार में निलंबन की कार्यवाही हो , यह उनकी सोच के विपरीत तो है ही लेकिन मेरी सोच के अनुसार भी ठीक नहीं है।राहुल जी को भी जब जानकारी मिलेगी तो उन्हें भी ठीक नहीं लगेगा।

इसलिये मेने यह निर्णय लिया है कि उक्त शिक्षक को भी माफ़ किया जाये।मेने निर्देश दिये है कि उक्त शिक्षक की बहाली के आदेश तत्काल जारी किये जाये।

लेकिन में उक्त शिक्षक से यह ज़रूर कहना चाहता हूँ कि वे एक बार गांधी परिवार के इस देश के प्रति त्याग, योगदान का समुचित अध्ययन ज़रूर करे , जिससे उनके मन में इस परिवार के प्रति यदि कोई ग़लत सोच है तो वो इसे सुधार सके।
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    कमलनाथ
  मुख्यमंत्री
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